अस्थमा (दमा) –
अस्थमा (दमा) – अस्थमा क्या है? अस्थमा (Asthma) फेफड़ों की एक पुरानी बीमारी है, जिसमें सांस की नलियों में सूजन और सिकुड़न हो जाती है। इससे सांस लेने में परेशानी, खांसी, सीने में जकड़न और सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आ सकती है। प्रमुख लक्षण सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना बार-बार खांसी आना, विशेषकर रात में सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज (Wheezing) सीने में जकड़न या भारीपन दौड़ने, व्यायाम या ठंडी हवा में सांस फूलना रात में खांसी के कारण नींद खुलना अस्थमा के प्रमुख ट्रिगर्स धूल, धूल के कण और धूल के माइट्स परागकण (Pollen), फफूंद और पालतू जानवरों के बाल धुआं, वायु प्रदूषण और तेज गंध ठंडी हवा और मौसम में बदलाव वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम व्यायाम या तनाव (कुछ लोगों में) किन लोगों को अधिक परेशानी हो सकती है? एलर्जी की समस्या वाले लोग परिवार में अस्थमा का इतिहास होने पर धूम्रपान या प्रदूषण के संपर्क में रहने वाले बच्चों और बुजुर्गों में बार-बार श्वसन संक्रमण होने पर बचाव के उपाय धूल, धुएं और एलर्जी पैदा करने वाले कारकों से बचें। घर को साफ और हवादार रखें। धूम्रपान और पैसिव स्मोकिंग से दूर रहें। डॉक्टर की सलाह से नियमित दवाएं लें। निर्धारित इनहेलर सही तकनीक से इस्तेमाल करें। फ्लू और अन्य टीकाकरण के बारे में डॉक्टर से सलाह लें। अस्थमा का उपचार इनहेलर द्वारा सूजन नियंत्रित करने वाली दवाएं जरूरत के अनुसार सांस की नलियां खोलने वाली दवाएं डॉक्टर की सलाह से नियमित फॉलो-अप गंभीर अस्थमा में विशेषज्ञ द्वारा अतिरिक्त उपचार ध्यान दें: अस्थमा में इनहेलर बहुत प्रभावी उपचार हो सकते हैं। इन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना बंद न करें। कब तुरंत चिकित्सा सहायता लें?